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Tuesday, March 5, 2019

love sayari

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एक लम्हें के लिए आप ठहरे थे जिस पेड़ के नीचे,
सुना है आज तक उसका साया महकता है ।
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सिर्फ़ अल्फ़ाज़ की कमी हो गई है हमारे पास 💓
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वरना क़ाबिल-ए-तारीफ़ तो बहुत कुछ है आप में.!
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